Search Results

Search from 23,000+ Stotrams, Mantras & Spiritual Posts

श्री रामाष्टकं (राम अष्टकं)

Sri Ramashtakam Rama Ashtakam in hindi
with lyrics, PDF, meaning, devotional benefits,
chanting guide and complete spiritual content.

sri ramashtakam rama ashtakam in hindi

भजे विशेषसुंदरं समस्तपापखंडनम् ।
स्वभक्तचित्तरंजनं सदैव राममद्वयम् ॥ 1 ॥

जटाकलापशोभितं समस्तपापनाशकम् ।
स्वभक्तभीतिभंजनं भजे ह राममद्वयम् ॥ 2 ॥

निजस्वरूपबोधकं कृपाकरं भवाऽपहम् ।
समं शिवं निरंजनं भजे ह राममद्वयम् ॥ 3 ॥

सदा प्रपंचकल्पितं ह्यनामरूपवास्तवम् ।
निराकृतिं निरामयं भजे ह राममद्वयम् ॥ 4 ॥

निष्प्रपंच निर्विकल्प निर्मलं निरामयम् ।
चिदेकरूपसंततं भजे ह राममद्वयम् ॥ 5 ॥

भवाब्धिपोतरूपकं ह्यशेषदेहकल्पितम् ।
गुणाकरं कृपाकरं भजे ह राममद्वयम् ॥ 6 ॥

महासुवाक्यबोधकैर्विराजमानवाक्पदैः ।
परं च ब्रह्म व्यापकं भजे ह राममद्वयम् ॥ 7 ॥

शिवप्रदं सुखप्रदं भवच्छिदं भ्रमापहम् ।
विराजमानदैशिकं भजे ह राममद्वयम् ॥ 8 ॥

रामाष्टकं पठति यः सुखदं सुपुण्यं
व्यासेन भाषितमिदं शृणुते मनुष्यः ।
विद्यां श्रियं विपुलसौख्यमनंतकीर्तिं
संप्राप्य देहविलये लभते च मोक्षम् ॥ 9 ॥

इति श्रीव्यास प्रोक्त श्रीरामाष्टकम् ।

sri ramashtakam rama ashtakam in hindi

Copy
Give Feedback