Search Results

Search from 23,000+ Stotrams, Mantras & Spiritual Posts

श्री नृसिंह सरस्वती अष्टकं

Sri Nrusimha Sarasvathi Ashtakam in devanagari
with lyrics, PDF, meaning, devotional benefits,
chanting guide and complete spiritual content.

sri nrusimha sarasvathi ashtakam in devanagari

इन्दुकोटितेज करुणसिन्धु भक्तवत्सलं
नन्दनात्रिसूनु दत्तमिन्दिराक्ष श्रीगुरुम् ।
गन्धमाल्य अक्षतादि बृन्ददेववन्दितं
वन्दयामि नारसिंह सरस्वतीश पाहि माम् ॥ 1 ॥

मोहपाश अन्धकार छाय दूर भास्करं
आयताक्ष पाहि श्रियावल्लभेश नायकम् ।
सेव्यभक्तबृन्दवरद भूयो भूयो नमाम्यहं
वन्दयामि नारसिंह सरस्वतीश पाहि माम् ॥ 2 ॥

चित्तजादिवर्गषट्कमत्तवारणाङ्कुशं
तत्त्वसारशोभितात्म दत्त श्रियावल्लभम् ।
उत्तमावतार भूतकर्तृ भक्तवत्सलं
वन्दयामि नारसिंह सरस्वतीश पाहि माम् ॥ 3 ॥

व्योम वायु तेज आप भूमि कर्तृमीश्वरं
कामक्रोधमोहरहित सोमसूर्यलोचनम् ।
कामितार्थदातृ भक्तकामधेनु श्रीगुरुं
वन्दयामि नारसिंह सरस्वतीश पाहि माम् ॥ 4 ॥

पुण्डरीक आयताक्ष कुण्डलेन्दुतेजसं
चण्डदुरितखण्डनार्थ दण्डधारि श्रीगुरुम् ।
मण्डलीकमौलि मार्ताण्ड भासिताननं
वन्दयामि नारसिंह सरस्वतीश पाहि माम् ॥ 5 ॥

वेदशास्त्रस्तुत्यपाद आदिमूर्ति श्रीगुरुं
नादबिन्दुकलातीत कल्पपादसेव्ययम् ।
सेव्यभक्तबृन्दवरद भूयो भूयो नमाम्यहं
वन्दयामि नारसिंह सरस्वतीश पाहि माम् ॥ 6 ॥

अष्टयोगतत्त्वनिष्ठ तुष्टज्ञानवारिधिं
कृष्णवेणितीरवास पञ्चनदीसङ्गमम् ।
कष्टदैन्यदूरि भक्ततुष्टकाम्यदायकं
वन्दयामि नारसिंह सरस्वतीश पाहि माम् ॥ 7 ॥

नारसिंहसरस्वती नाम अष्टमौक्तिकं
हार कृत्य शारदेन गङ्गाधर आत्मजम् ।
धारणीक देवदीक्ष गुरुमूर्ति तोषितं
परमात्मानन्द श्रिया पुत्रपौत्रदायकम् ॥ 8 ॥
[पाठभेदः – प्रार्थयामि दत्तदेव सद्गुरुं सदाविभुम्]

नारसिंहसरस्वतीय अष्टकं च यः पठेत्
घोर संसार सिन्धु तारणाख्य साधनम् ।
सारज्ञान दीर्घ आयुरारोग्यादि सम्पदां
चारुवर्गकाम्यलाभ नित्यमेव यः पठेत् ॥ 9 ॥ [वारं वारं यज्जपेत्]

इति श्रीगुरुचरितामृते श्रीनृसिंहसरस्वत्युपाख्याने सिद्धनामधारक संवादे श्रीनृसिंहसरस्वती अष्टकम् ॥

sri nrusimha sarasvathi ashtakam in devanagari

Copy
Give Feedback