Search Results

Search from 23,000+ Stotrams, Mantras & Spiritual Posts

श्री सांब सदाशिव अक्षरमाला स्तोत्रम् (मातृक वर्णमालिका स्तोत्रम्)

Sri Samba Sadashiva Aksharamala Stotram Matruka Varnamalika Stotram in hindi
with lyrics, PDF, meaning, devotional benefits,
chanting guide and complete spiritual content.

sri samba sadashiva aksharamala stotram matruka varnamalika stotram in hindi

सांबसदाशिव सांबसदाशिव सांबसदाशिव सांबशिव ॥

अद्भुतविग्रह अमराधीश्वर अगणितगुणगण अमृतशिव ॥

आनंदामृत आश्रितरक्षक आत्मानंद महेश शिव ॥

इंदुकलाधर इंद्रादिप्रिय सुंदररूप सुरेश शिव ॥

ईश सुरेश महेश जनप्रिय केशवसेवितपाद शिव ॥

उरगादिप्रियभूषण शंकर नरकविनाश नटेश शिव ॥

ऊर्जितदानवनाश परात्पर आर्जितपापविनाश शिव ॥

ऋग्वेदश्रुतिमौलिविभूषण रविचंद्राग्नि त्रिनेत्र शिव ॥

ॠपमनादि प्रपंचविलक्षण तापनिवारण तत्त्व शिव ॥

लिंगस्वरूप सर्वबुधप्रिय मंगलमूर्ति महेश शिव ॥

लूताधीश्वर रूपप्रियशिव वेदांतप्रियवेद्य शिव ॥

एकानेकस्वरूप विश्वेश्वर योगिहृदिप्रियवास शिव ॥

ऐश्वर्याश्रय चिन्मय चिद्घन अच्युतानंत महेश शिव ॥

ॐकारप्रिय उरगविभूषण ह्रींकारादि महेश शिव ॥

औरसलालित अंतकनाशन गौरिसमेत गिरीश शिव ॥

अंबरवास चिदंबरनायक तुंबुरुनारदसेव्य शिव ॥

आहारप्रिय आदिगिरीश्वर भोगादिप्रिय पूर्ण शिव ॥

कमलाक्षार्चित कैलासप्रिय करुणासागर कांति शिव ॥

खड्गशूलमृगढक्काद्यायुध विक्रमरूप विश्वेश शिव ॥

गंगागिरिसुतवल्लभ गुणहित शंकर सर्वजनेश शिव ॥

घातकभंजन पातकनाशन गौरिसमेत गिरीश शिव ॥

ङङाश्रितश्रुतिमौलिविभूषण वेदस्वरूप विश्वेश शिव ॥

चंडविनाशन सकलजनप्रिय मंडलाधीश महेश शिव ॥

छत्रकिरीटसुकुंडलशोभित पुत्रप्रिय भुवनेश शिव ॥

जन्मजरामृतिनाशन कल्मषरहित तापविनाश शिव ॥

झंकाराश्रय भृंगिरिटिप्रिय ॐकारेश महेश शिव ॥

ज्ञानाज्ञानविनाशक निर्मल दीनजनप्रिय दीप्त शिव ॥

टंकाद्यायुधधारण सत्वर ह्रींकारैदि सुरेश शिव ॥

ठंकस्वरूपा सहकारोत्तम वागीश्वर वरदेश शिव ॥

डंबविनाशन डिंडिमभूषण अंबरवास चिदीश शिव ॥

ढंढंडमरुक धरणीनिश्चल ढुंढिविनायकसेव्य शिव ॥

णलिनविलोचन नटनमनोहर अलिकुलभूषण अमृत शिव ॥

तत्त्वमसीत्यादि वाक्यस्वरूपक नित्यानंद महेश शिव ॥

स्थावर जंगम भुवनविलक्षण भावुकमुनिवरसेव्य शिव ॥

दुःखविनाशन दलितमनोन्मन चंदनलेपितचरण शिव ॥

धरणीधर शुभ धवलविभास्वर धनदादिप्रियदान शिव ॥

नानामणिगणभूषण निर्गुण नटनजनसुप्रियनाट्य शिव ॥

पन्नगभूषण पार्वतिनायक परमानंद परेश शिव ॥

फालविलोचन भानुकोटिप्रभ हालाहलधर अमृत शिव ॥

बंधविनाशन बृहदीशामरस्कंदादिप्रिय कनक शिव ॥

भस्मविलेपन भवभयनाशन विस्मयरूप विश्वेश शिव ॥

मन्मथनाशन मधुपानप्रिय मंदरपर्वतवास शिव ॥

यतिजनहृदयनिवासित ईश्वर विधिविष्ण्वादि सुरेश शिव ॥

रामेश्वर रमणीयमुखांबुज सोमेश्वर सुकृतेश शिव ॥

लंकाधीश्वर सुरगणसेवित लावण्यामृतलसित शिव ॥

वरदाभयकर वासुकिभूषण वनमालादिविभूष शिव ॥

शांतिस्वरूप जगत्त्रय चिन्मय कांतिमतीप्रिय कनक शिव ॥

षण्मुखजनक सुरेंद्रमुनिप्रिय षाड्गुण्यादिसमेत शिव ॥

संसारार्णवनाशन शाश्वतसाधुहृदिप्रियवास शिव ॥

हर पुरुषोत्तम अद्वैतामृतपूर्ण मुरारिसुसेव्य शिव ॥

लालितभक्तजनेश निजेश्वर कालिनटेश्वर काम शिव ॥

क्षररूपादिप्रियान्वित सुंदर साक्षिजगत्त्रय स्वामि शिव ॥

सांबसदाशिव सांबसदाशिव सांबसदाशिव सांबशिव ॥

इति श्रीसांबसदाशिव मातृकावर्णमालिका स्तोत्रम् ।

sri samba sadashiva aksharamala stotram matruka varnamalika stotram in hindi

Copy
Give Feedback