Search Results

Search from 23,000+ Stotrams, Mantras & Spiritual Posts

श्री ललिता चालीसा

Sri Lalitha Chalisa in devanagari
with lyrics, PDF, meaning, devotional benefits,
chanting guide and complete spiritual content.

sri lalitha chalisa in devanagari

ललितामाता शम्भुप्रिया जगतिकि मूलं नीवम्मा
श्री भुवनेश्वरि अवतारं जगमन्तटिकी आधारम् ॥ 1 ॥

हेरम्बुनिकि मातवुगा हरिहरादुलु सेविम्प
चण्डुनिमुण्डुनि संहारं चामुण्डेश्वरि अवतारम् ॥ 2 ॥

पद्मरेकुल कान्तुललो बालात्रिपुरसुन्दरिगा
हंसवाहनारूढिणिगा वेदमातवै वच्चितिवि ॥ 3 ॥

श्वेतवस्त्रमु धरियिञ्चि अक्षरमालनु पट्टुकॊनि
भक्तिमार्गमु चूपितिवि ज्ञानज्योतिनि निम्पितिवि ॥ 4 ॥

नित्य अन्नदानेश्वरिगा काशीपुरमुन कॊलुवुण्ड
आदिबिक्षुवै वच्चाडु साक्षादापरमेश्वरुडु ॥ 5 ॥

कदम्बवन सञ्चारिणिगा कामेश्वरुनि कलत्रमुगा
कामितार्थ प्रदायिनिगा कञ्चि कामाक्षिवैनावु ॥ 6 ॥

श्रीचक्रराज निलयिनिगा श्रीमत् त्रिपुरसुन्दरिगा
सिरि सम्पदलु इव्वम्मा श्रीमहालक्ष्मिगा रावम्मा ॥ 7 ॥

मणिद्वीपमुन कॊलुवुण्डि महाकालि अवतारमुलो
महिषासुरुनि चम्पितिवि मुल्लोकालनु एलितिवि ॥ 8 ॥

पसिडि वॆन्नॆल कान्तुललो पट्टुवस्त्रपुधारणलो
पारिजातपु मालललो पार्वति देविगा वच्चितिवि ॥ 9 ॥

रक्तवस्त्रमु धरियिञ्चि रणरङ्गमुन प्रवेशिञ्चि
रक्तबीजुनि हतमार्चि रम्यकपर्दिनिवैनावु ॥ 10 ॥

कार्तिकेयुनिकि मातवुगा कात्यायिनिगा करुणिञ्चि
कलियुगमन्ता कापाड कनकदुर्गवै वॆलिसितिवि ॥ 11 ॥

रामलिङ्गेश्वरु राणिविगा रविकुल सोमुनि रमणिविगा
रमा वाणि सेवितगा राजराजेश्वरिवैनावु ॥ 12 ॥

खड्गं शूलं धरियिञ्चि पाशुपतास्त्रमु चेबूनि
शुम्भ निशुम्भुल दुनुमाडि वच्चिन्दि श्रीश्यामलगा ॥ 13 ॥

महामन्त्राधिदेवतगा ललितात्रिपुरसुन्दरिगा
दरिद्र बाधलु तॊलिगिञ्चि महदानन्दमु कलिगिञ्चे ॥ 14 ॥

अर्तत्राण परायणिवे अद्वैतामृत वर्षिणिवे
आदिशङ्कर पूजितवे अपर्णादेवि रावम्मा ॥ 15 ॥

विष्णु पादमुन जनियिञ्चि गङ्गावतारमु ऎत्तितिवि
भागीरथुडु निनु कॊलुव भूलोकानिकि वच्चितिवि ॥ 16 ॥

आशुतोषुनि मॆप्पिञ्चि अर्धशरीरं दाल्चितिवि
आदिप्रकृति रूपिणिगा दर्शनमिच्चॆनु जगदम्बा ॥ 17 ॥

दक्षुनि इण्ट जनियिञ्चि सतीदेविगा चालिञ्चि
अष्टादश पीठेश्वरिगा दर्शनमिच्चॆनु जगदम्बा ॥ 18 ॥

शङ्खु चक्रमु धरियिञ्चि राक्षस संहारमुनु चेसि
लोकरक्षण चेसावु भक्तुल मदिलो निलिचावु ॥ 19 ॥

पराभट्टारिक देवतगा परमशान्त स्वरूपिणिगा
चिरुनव्वुलनु चिन्दिस्तू चॆऋकु गडनु धरयिञ्चितिवि ॥ 20 ॥

पञ्चदशाक्षरि मन्त्राधितगा परमेश्वर परमेश्वरितो
प्रमथगणमुलु कॊलुवुण्ड कैलासम्बे पुलकिञ्चे ॥ 21 ॥

सुरुलु असुरुलु अन्दरुनु शिरसुनु वञ्चि म्रॊक्कङ्गा
माणिक्याल कान्तुलतो नी पादमुलु मॆरिसिनवि ॥ 22 ॥

मूलाधार चक्रमुलो योगिनुलकु आदीश्वरियै
अङ्कुशायुध धारिणिगा भासिल्लॆनु श्री जगदम्बा ॥ 23 ॥

सर्वदेवतल शक्तुलचे सत्य स्वरूपिणि रूपॊन्दि
शङ्खनादमु चेसितिवि सिंहवाहिनिगा वच्चितिवि ॥ 24 ॥

महामेरुवु निलयिनिवि मन्दार कुसुम माललतो
मुनुलन्दरु निनु कॊलवङ्ग मोक्षमार्गमु चूपितिवि ॥ 25 ॥

चिदम्बरेश्वरि नी लील चिद्विलासमे नी सृष्टि
चिद्रूपी परदेवतगा चिरुनव्वुलनु चिन्दिञ्चे ॥ 26 ॥

अम्बा शाम्भवि अवतारं अमृतपानं नी नामं
अद्भुतमैनदि नी महिम अतिसुन्दरमु नी रूपम् ॥ 27 ॥

अम्मलगन्न अम्मवुगा मुग्गुरम्मलकु मूलमुगा
ज्ञानप्रसूना रावम्मा ज्ञानमुनन्दरिकिव्वम्मा ॥ 28 ॥

निष्ठतो निन्ने कॊलिचॆदमु नी पूजलने चेसॆदमु
कष्टमुलन्नी कडतेर्चि कनिकरमुतो ममु कापाडु ॥ 29 ॥

राक्षस बाधलु पडलेक देवतलन्ता प्रार्थिम्प
अभयहस्तमु चूपितिवि अवतारमुलु दाल्चितिवि ॥ 30 ॥

अरुणारुणपु कान्तुललो अग्नि वर्णपु ज्वालललो
असुरुलनन्दरि दुनुमाडि अपराजितवै वच्चितिवि ॥ 31 ॥

गिरिराजुनिकि पुत्रिकगा नन्दनन्दुनि सोदरिगा
भूलोकानिकि वच्चितिवि भक्तुल कोर्कॆलु तीर्चितिवि ॥ 32 ॥

परमेश्वरुनिकि प्रियसतिगा जगमन्तटिकी मातवुगा
अन्दरि सेवलु अन्दुकॊनि अन्तट नीवे निण्डितिवि ॥ 33 ॥

करुणिञ्चम्मा ललितम्मा कापाडम्मा दुर्गम्मा
दर्शनमिय्यग रावम्मा भक्तुल कष्टं तीर्चम्मा ॥ 34 ॥

ए विधमुगा निनु कॊलिचिननु ए पेरुन निनु पिलिचिननु
मातृहृदयवै दयचूपु करुणामूर्तिगा कापाडु ॥ 35 ॥

मल्लॆलु मॊल्ललु तॆच्चितिमि मनसुनु नीके इच्चितिमि
मगुवलमन्ता चेरितिमि नी पारायण चेसितिमि ॥ 36 ॥

त्रिमातृरूपा ललितम्मा सृष्टि स्थिति लयकारिणिवि
नी नाममुलु ऎन्नॆन्नो लॆक्किञ्चुट मा तरमवुना ॥ 37 ॥

आश्रितुलन्दरु रारण्डि अम्मरूपमु चूडण्डि
अम्मकु नीराजनमिच्चि अम्म दीवॆन पॊन्दुदमु ॥ 38 ॥

सदाचार सम्पन्नवुगा सामगान प्रियलोलिनिवि
सदाशिव कुटुम्बिनिवि सौभाग्यमिच्चे देवतवु ॥ 39 ॥

मङ्गलगौरी रूपमुनु मनसुल निण्डा निम्पण्डि
महादेविकि मनमन्ता मङ्गल हारतुलिद्दामु ॥ 40 ॥

sri lalitha chalisa in devanagari

Copy
Give Feedback